मुक्केबाज़ी
खाली सीटों से पेरोल तक: भारतीय बॉक्सिंग की असली मशीनरी
चार स्वर्ण, दो डिवीज़न जिनका ओलंपिक में दरवाज़ा ही नहीं था
छह नाम, शून्य पदक: पेरिस की एंट्री लिस्ट और वह खाता जो सिर्फ़ एक बार छपा
तीन वज़न, एक खिताब, और वह नियम-पुस्तिका जो किसी ने अंत तक नहीं पढ़ी
रिलीज़ लेटर, कैंप रोस्टर और LA28: बांग्लादेश बॉक्सिंग का असली ट्रांसफर विंडो काग़ज़ों में तय होता है
चार स्वर्ण, दो डिवीज़न जिनका ओलंपिक में दरवाज़ा ही नहीं था26 मार्च 2026 की रात नई दिल्ली के केडी जाधव हॉल में तीन फ़ाइनल थे, और तीनों म...
खाली सीटों से पेरोल तक: भारतीय बॉक्सिंग की असली मशीनरीपहली चीज़ जो मैंने नोट की वह थी जो नहीं था। पटियाला के साई निस परिसर में, जहा...
छह नाम, शून्य पदक: पेरिस की एंट्री लिस्ट और वह खाता जो सिर्फ़ एक बार छपाजुलाई 2026 के आखिरी हफ़्ते में पेरिस ओलंपिक की मुक्केबाज़ी एंट्री लिस्ट पब्लि...
तीन वज़न, एक खिताब, और वह नियम-पुस्तिका जो किसी ने अंत तक नहीं पढ़ीगलियारे में ब्लीच की महक थी, और कोई बोल नहीं रहा था। भिवानी के ट्रायल हॉल में...
रिलीज़ लेटर, कैंप रोस्टर और LA28: बांग्लादेश बॉक्सिंग का असली ट्रांसफर विंडो काग़ज़ों में तय होता हैरंगपुर, मंगलवार दोपहर। मेज़ पर एक ही काग़ज़ रखा था — एक पेज का अनापत्ति पत्र,...
छह मुक्केबाज़, शून्य तमगे: पेरिस के बाद भारतीय मुक्केबाज़ी का बहीखाता क्या कहता है"नब्बे नामों की सूची मैं जवाब ढूँढने के लिए खोलती हूँ, और हर बार हाशिये बेहतर...
पटियाला का तराज़ू: भारतीय मुक्केबाज़ी में असली चयन रिंग में नहीं, रिलीज़ लेटर पर होता हैसुबह छह बजकर चालीस मिनट पर पटियाला के SAI NIS हॉल में तराज़ू खुलता है। कतार म...
